भारतीय महिला कबड्डी टीम ने सोमवार को ढाका के शहीद सुहरावर्दी इंडोर स्टेडियम में महिला कबड्डी वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में चीनी ताइपे को 35-28 से हराकर दूसरी लगातार विश्व खिताब अपने नाम कर लिया। 2012 के बाद यह दूसरा खिताब है, जो भारत की कबड्डी में वर्चस्व को मजबूती प्रदान करता है। टूर्नामेंट में 11 देशों ने भाग लिया, जिसमें भारत ने पूरे लीग स्टेज सहित सभी छह मैच जीतकर अजेय अभियान चलाया। कप्तान रीतु नेगी की अगुवाई में टीम ने शानदार रेडिंग और डिफेंस का प्रदर्शन किया, जबकि संजू देवी को टूर्नामेंट का सबसे मूल्यवान खिलाड़ी (MVP) चुना गया। इस जीत ने महिला कबड्डी को वैश्विक पटल पर नई ऊंचाई दी है।
फाइनल में भारत का दबदबा
फाइनल मुकाबला रोमांचक रहा, लेकिन भारत ने शुरू से ही नियंत्रण बनाए रखा। पहले हाफ में मजबूत डिफेंस के दम पर भारत ने 18-14 की बढ़त हासिल की। दूसरे हाफ में रेडर पुष्पा राणा और संजू की जोड़ी ने कमाल किया, जिससे चीनी ताइपे पर दो ऑल-आउट थोपे गए। अंतिम चरण में भारत ने 35-28 का स्कोर बनाकर ट्रॉफी उछाली। चीनी ताइपे ने भी शानदार संघर्ष किया, जो एशियन गेम्स फाइनल की हार का बदला लेना चाहती थी, लेकिन भारत की अनुशासनबद्ध रणनीति ने उन्हें पीछे छोड़ दिया। सेमीफाइनल में भारत ने ईरान को 33-21 से हराया, जबकि चीनी ताइपे ने मेजबान बांग्लादेश को 25-18 से।
पूरे राष्ट्र के लिए गर्व का क्षण
लीग स्टेज में भारत ने थाईलैंड, बांग्लादेश (43-18), जर्मनी और युगांडा पर आसान जीत दर्ज की। ग्रुप ए में शीर्ष पर रहकर वे सीधे सेमीफाइनल में पहुंचीं। हिमाचल प्रदेश की पांच खिलाड़ी—संजू, पुष्पा सहित—टीम की रीढ़ रहीं। कोच मनप्रीत सिंह ने कहा, “टीम का विश्वास और टीमवर्क शानदार था। यह पूरे राष्ट्र के लिए गर्व का क्षण है।” पूर्व कप्तान अजय ठाकुर ने कहा, “महिला कबड्डी की प्रगति दिख रही है। बांग्लादेश में आयोजन ने खेल को वैश्विक अपील दी।”



