34.5 C
Ghaziabad
Thursday, March 26, 2026
Google search engine
Homeदुनियाबॉलीवुड की दिग्गज गायिका-अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित का निधन, 71 वर्ष की आयु...

बॉलीवुड की दिग्गज गायिका-अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित का निधन, 71 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस

हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम युग की मधुर आवाज सुलक्षणा पंडित का गुरुवार शाम मुंबई के नानावती अस्पताल में निधन हो गया। 71 वर्षीय सुलक्षणा लंबे समय से बीमार चल रही थीं और कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हुआ। उनके भाई, संगीतकार ललित पंडित ने मिड-डे को पुष्टि करते हुए बताया, वह आज शाम करीब 8 बजे चली गईं। अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया जाएगा।

लंबी बीमारी के बाद दुखद अंत

सुलक्षणा उम्र संबंधी जटिलताओं से जूझ रही थीं। परिवार ने अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन ललित पंडित ने समाचार माध्यमों को सूचित किया। बॉलीवुड हस्तियों ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया है। अनुपम खेर ने ट्वीट किया, ‘सुलक्षणा जी की आवाज और सादगी हमेशा याद रहेगी।’ यह निधन संजीव कुमार की पुण्यतिथि (6 नवंबर 1985) पर हुआ, जो सुलक्षणा के जीवन का एक दुखद संयोग है।

संगीतमय परिवार में जन्म

सुलक्षणा पंडित का जन्म 12 जुलाई 1954 को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक संगीतमय परिवार में हुआ था। हरियाणा के हिसार से ताल्लुक रखने वाले इस परिवार में पंडित जसराज उनके चाचा थे। सुलक्षणा ने मात्र 9 वर्ष की आयु में गाना शुरू कर दिया। उनके भाई मांडीर पंडित के साथ संगीत की शुरुआत हुई। वे जतिन-ललित (संगीतकार जोड़ी) और अभिनेत्री विजयता पंडित की बहन थीं।

गायकी की दुनिया में धमाकेदार डेब्यू

सुलक्षणा की गायकी का सफर 1967 में फिल्म ‘तकदीर’ से शुरू हुआ। लता मंगेशकर के साथ डुएट ‘सात समंदर पार से’ ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। मात्र 13 वर्ष की उम्र में यह गीत सुपरहिट रहा। 1970-80 के दशक में उन्होंने किशोर कुमार, हेमंत कुमार और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जैसे दिग्गजों के साथ काम किया।

उनकी आवाज की मिठास ने कई यादगार गीत रचे। 1976 में फिल्म ‘संकल्प’ के गाने ‘तू ही सागर तू ही किनारा’ (संगीत: खय्याम) के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। यह गीत उनकी ऊंचे सुरों की महारत का प्रतीक था। अन्य हिट गाने जैसे ‘बेकरार दिल तू गये जा’ (लाहौर, किशोर कुमार के साथ) और ‘सोमवार को हम मिले मंगलवार को नैन’ ने उन्हें प्लेबैक सिंगर के रूप में अमर कर दिया।

आखिरी गीत और विरासत

सुलक्षणा का अंतिम प्लेबैक गाना 1996 की फिल्म ‘खामोशी: द म्यूजिकल’ में था, जिसे उनके भाई जतिन-ललित ने संगीतबद्ध किया। बॉलीवुड ने उन्हें एक ऐसी कलाकार के रूप में याद किया जो गायकी और अभिनय दोनों में उत्कृष्ट थी। उनकी आवाज आज भी युवा पीढ़ी को प्रेरित करती है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments