RBI MPC: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत और उत्साह की खबर देते हुए चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर के अनुमान को पहले के 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने यह घोषणा करते हुए बताया कि अर्थव्यवस्था कई मजबूत कारकों की वजह से तेजी पकड़ रही है और आने वाले महीनों में भी यह गति जारी रहने की संभावना है।
RBI MPC: महंगाई में गिरावट और दूसरी तिमाही की मजबूत ग्रोथ ने बदली तस्वीर
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि और महंगाई में तेज गिरावट के बाद देश ‘गोल्डीलॉक्स पीरियड’ में है—यानी ग्रोथ भी मजबूत और महंगाई भी नियंत्रण में। सितंबर तक खुदरा महंगाई घटकर 1.7 प्रतिशत पर आ गई, जिससे बाजार में स्थिरता बढ़ी और उपभोक्ता विश्वास मजबूत हुआ। गवर्नर मल्होत्रा के अनुसार, ‘कृषि क्षेत्र में बेहतर संभावनाएं, जीएसटी रेट कटौती का सकारात्मक प्रभाव, कॉर्पोरेट सेक्टर की मजबूत बैलेंस शीट और सौम्य मुद्रास्फीति ने घरेलू गतिविधियों को गति दी है।’
RBI MPC: GST रेशनलाइजेशन और ग्रामीण मांग बनी मजबूत
आरबीआई ने कहा कि जीएसटी में रेशनलाइजेशन—यानी टैक्स स्लैब में बदलाव—से भी उपभोक्ता खर्च बढ़ा है। अक्टूबर और नवंबर में त्योहारों के दौरान खरीदारी में उछाल आया, जिससे घरेलू मांग को मजबूती मिली। गवर्नर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। ग्रामीण मांग मजबूत बनी हुई है, जबकि शहरी क्षेत्रों में खपत लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही नॉन-फूड बैंक क्रेडिट में तेज वृद्धि और क्षमता उपयोग स्तर बढ़ने से निजी निवेश को भी बढ़ावा मिल रहा है।
RBI MPC: बाहरी मोर्चे पर चुनौतियाँ, फिर भी मजबूत बने रहेंगे एक्सपोर्ट्स
संजय मल्होत्रा ने बताया कि वैश्विक परिदृश्य में अनिश्चितता अभी भी अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती है। उन्होंने कहा, ‘सेवा निर्यात मजबूत रहने की उम्मीद है, लेकिन माल निर्यात को कुछ दबावों का सामना करना पड़ रहा है। बाहरी जोखिम बने रहेंगे, हालांकि व्यापार व निवेश से जुड़ी वार्ताओं के पूरा होने के बाद संभावना है कि निर्यात को समर्थन मिलेगा।’
RBI MPC: तिमाही-दर-तिमाही जीडीपी अनुमान जारी
अगले चार तिमाहियों के लिए आरबीआई ने जीडीपी का अनुमान इस प्रकार रखा है—
- दिसंबर तिमाही (Q3): 7 प्रतिशत
- मार्च तिमाही (Q4): 6.5 प्रतिशत
- अगले वर्ष जून (Q1): 6.7 प्रतिशत
- अगले वर्ष सितंबर (Q2): 6.8 प्रतिशत
आरबीआई ने कहा कि मजबूत घरेलू गतिविधियां इन अनुमानों को समर्थन देती रहेंगी।
RBI MPC: सप्लाई साइड पर औद्योगिक और सर्विस सेक्टर का शानदार प्रदर्शन
देश की रियल जीडीपी में बढ़ोतरी का बड़ा कारण उद्योग और सेवा क्षेत्र में तेजी रहा।
दूसरी तिमाही में रियल ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) में 8.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले छह तिमाहियों में सबसे ऊंचा स्तर है। सरकारी कैपिटल एक्सपेंडिचर में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की कम कीमतें और अनुकूल मुद्रास्फीति ने भी आर्थिक गतिविधियों को गति देने में योगदान दिया।
तीसरी तिमाही में स्थिरता, कुछ संकेतों में हल्की कमजोरी
आरबीआई ने कहा कि हाई-फ्रिक्वेंसी इंडीकेटर्स—जैसे बिजली खपत, ई-वे बिल, हवाई यात्री संख्या और बैंक क्रेडिट—ने तीसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियों के स्थिर बने रहने के संकेत दिए हैं। हालांकि कुछ अग्रिम संकेतकों में हल्की धीमी गति दिखाई दी, लेकिन कुल मिलाकर मांग मजबूत बनी हुई है।



