मोहम्मदी तहसील में आज एंटी करप्शन टीम ने एक बड़ी भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें तहसील के कानूनगो भूपेंद्र सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।�
पर्दाफाश
सूत्रों के मुताबिक, घूस का मामला खेती की मेढ़बंदी (नाली/खेत की वर्जिन सड़कों की मरम्मत) से जुड़ा हुआ है। स्थानीय किसान घनश्याम पाठक ने अपने खेत की मेढ़बंदी कराने की formal application तहसील में दी थी, लेकिन कानूनगो भूपेंद्र ने मामले को टालते हुए किसान से ₹6,000 रिश्वत देने की मांग की।
Amar Ujala
किसान जब रिश्वत देने में असमर्थता जताने लगा, तब उसने एंटी करप्शन टीम में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद टीम ने एक जाल बिछाया और तय योजना के तहत भूपेंद्र सिंह को ₹5,000 लेते हुए पकड़ा।
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एंटी करप्शन टीम ने तुरंत कानूनगो को हिरासत में ले लिया और साथ ही तहसील परिसर से उसकी गिरफ्तारी की फोटो तथा वीडियो भी टीम के पास सुरक्षित हैं। पकड़े जाने के बाद भूपेंद्र को कोतवाली पुलिस के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लाया गया, जहां उसका मेडिकल कराया गया और फिर पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
प्रशासन का कहना है
दोषी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार विरोधी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।�
पर्दाफाश आरोपी को आगामी दिनों में न्यायालय में पेश किया जाएगा और जेल भेजने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
कुछ और अहम बातें:
- इस कार्रवाई के बाद तहसील प्रशासन में हलचल मची हुई है और अन्य अधिकारी भी सतर्क दिख रहे हैं।
- स्थानीय लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ इस कदम की खुलकर सराहना कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में कड़ी सजा दी जानी चाहिए।
- प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि आगे भी भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी पकड़ जारी रखी जाएगी।



